शीर्षक :मुँह छिपा ,जिस्म खुला :गाँव की मास्क्ड नाइट Short Teaser :गाँव की सीमा पर पुरानी हवेली में आज एक गुप्त मास्क्ड पार्टी है – जहाँ चेहरों पर नकाब हैं ,मगर नज़रों में पहचान छिपी नहीं।मीरा और राजीव इस रात में वो देखने वाले हैं जो उनके रिश्ते की परतें हिला देगा।
Character Detail:मीरा (28) – पतली काया ,नटखट मुस्कान और गालों पर हल्की लाली।उसकी आँखों में हमेशा कोई अनकहा ख्वाब झिलमिलाता रहता है – कोई देखे ,छूए ,पर जाने नहीं कि वो कौन है।राजीव (30) – लम्बा ,आत्मविश्वासी और थोड़ा रहस्यमय।उसे अपनी पत्नी की झिझक तोड़ने में एक अजीब – सा आनंद मिलता है ,जैसे हर बार नया खेल शुरू हो।निशा (26) – मीरा की सहेली ,बाहर से भोली ,पर भीतर गहरी जिज्ञासा।वही इस पार्टी की असली वजह बनती है।मिस्टर X (35+) – इस पार्टी का रहस्यमयी आयोजक ;गहरी आवाज़ और धीमी चाल ,जो किसी के भी होश उड़ा सकती है।
Plot / Setting :रात का समय ,गाँव के बाहर पुरानी हवेली।हवेली के चारों ओर नीम की झाड़ियाँ और बीच में टिमटिमाती लाल बत्तियाँ।भीतर से धीमी संगीत की धुनें और अनजान आवाज़ों की फुसफुसाहटें।माहौल में एक अजीब गर्माहट – जैसे हर साँस के साथ कुछ गुप्त उभर रहा हो।
हवेली के गेट पर लिखा था – " चेहरा छिपाओ ,इच्छा जगाओ।" मीरा ने हल्की काँपती उँगलियों से अपना नकाब ठीक किया।राजीव ने उसका हाथ थामा ,आँखों में मुस्कान थी , " डर मत ,बस खेल है "
अंदर कदम रखते ही हवा में नशा था – धीमी खुशबू ,लाल पर्दों की हलचल ,और चारों ओर नकाब पहने लोग ,जिनकी चाल में धीमा रिदम था।किसी की हँसी ,किसी की साँस ,सब कुछ आधा छिपा ,आधा प्रकट।
मीरा की नज़र एक कोने में पड़ी – वहाँ एक जोड़ा एक – दूसरे के करीब था ,बस नज़रें बोल रही थीं।उसे लगा ,जैसे हवा भी भारी हो गई हो।राजीव ने झुककर उसके कान में कहा , " देखा ?यहाँ हर कोई बस एक पल जीने आया है।"
वो मुस्कुराई ,पर दिल तेज़ धड़क रहा था।उसे महसूस हुआ कि कोई उसकी ओर देख रहा है।पीछे मुड़ी – एक काले नकाब वाला शख्स खड़ा था ,धीमे कदमों से पास आता हुआ।उसकी आँखें गहरी थीं ,और चाल में ऐसा आत्मविश्वास कि मीरा का साँस लेना भी बदल गया।
राजीव किसी और मेहमान से बात करने चला गया।मीरा ने खुद को उस अजनबी के सामने अकेला पाया।वो कुछ नहीं बोला ,बस हाथ बढ़ाया – मीरा ने पलभर झिझक कर वो हाथ थाम लिया।स्पर्श नर्म था ,मगर भीतर तक उतर गया।
धीरे – धीरे संगीत की लय बदली।उस आदमी ने झुककर कहा , " यहाँ सब अनजान हैं पर जो महसूस हो ,वो सच्चा होता है।" मीरा का दिल धड़क उठा।
उसने पूछा , " आप मिस्टर X हैं ?" उसने बस मुस्कुरा कर सिर हिलाया – " शायद ,या शायद कोई और "
मीरा को लगा ,जैसे उसके शरीर की हर नस किसी रहस्य की ओर खिंच रही हो।उसकी नज़रें अब भी उस नकाब के पीछे झाँकना चाहती थीं।पर तभी राजीव लौट आया।
राजीव ने दोनों को देखा ,फिर सहज होकर बोला , " तो ,मज़ा आ रहा है ?" उस आदमी ने मुस्कुराते हुए कहा , " शुरुआत अभी हुई है।"
मीरा ने एक अजीब झुरझुरी महसूस की।क्या राजीव ने उसकी आँखों में कुछ पढ़ लिया ?या ये बस खेल का हिस्सा था ?
रात गहराने लगी।हवेली के अंदर माहौल और भी घना हो गया।नकाबों के पीछे से हँसी ,ठंडी शराब की गंध ,और किसी के गिटार की धुन।मीरा ने महसूस किया कि वो अजनबी अब दूर से भी उसे देख रहा है – हर बार जब वो मुड़ती ,उसकी नज़रें वहीं होतीं।
राजीव अब उसके पास झुककर फुसफुसाया , " अगर मैं कहूँ कि यह सब मैंने तेरे लिए प्लान किया है ?" मीरा ने चौककर उसकी ओर देखा , " मतलब ?" राजीव मुस्कुराया , " कभी – कभी अपने डर को जीना ही सबसे बड़ा सुख होता है।"
मीरा कुछ बोलती ,इससे पहले पीछे से वही गहरी आवाज़ फिर आई –
" या फिर ,डर किसी और को देखने का बहाना होता है "
मीरा मुड़ी – वही नकाब ,वही नज़रें ,और वही अधूरी पहचान।
अंत हुक :संगीत तेज़ हो गया।हवेली की बत्तियाँ हल्की झिलमिलाईं।मीरा ने महसूस किया – जैसे इस नकाब के पीछे सिर्फ़ एक अजनबी नहीं ,बल्कि कोई ऐसा है जिसे वो पहले से जानती है कौन है वो ?और इस खेल में राजीव की असली भूमिका क्या है ?
अगले भाग में :नकाबों के पीछे छिपी पहचानें और " इच्छाओं का इम्तिहान " शुरू होगा
मीरा ने महसूस किया कि हवेली का माहौल और भी गर्माहट से भर गया था।हर कमरे में धीमे कदमों की आवाज़ें ,हँसी की फुसफुसाहटें और किसी के intimate स्पर्श की झलकियाँ।वो अपने हाथों को हल्का सा अपने स्तन पर फेरती ,जैसे खुद को तसल्ली देती हो कि सब सुरक्षित है ,पर उसके दिल की धड़कन तेज़ थी।
राजीव पास खड़ा था ,उसकी आँखों में वही नटखट मुस्कान ।उसने मीरा के कान में धीरे से फुसफुसाया , " देख रही हो ?सबकी नज़रें तुम पर हैं और मैं सिर्फ तुम्हारे लिए देख रहा हूँ।" मीरा की आँखों में हल्की लालिमा छा गई।
वो धीरे – धीरे एक कोने की ओर बढ़ी ,जहाँ नकाबधारी भीड़ थोड़ी कम थी।तभी पीछे से वही अजनबी आदमी आया ,और उसकी उँगली हल्की तरह से मीरा की कमर को छू गई।मीरा की साँसें रुक गईं ,और उसने खुद को अपने आप को रोकते हुए महसूस किया कि उसकी वासना झकझोर रही है।
राजीव ने देखा और मुस्कुराया ,जैसे उसके लिए यह सब खेल हो।उसने मीरा का हाथ पकड़कर धीरे से अपने पास खींचा और उसके गालों पर हल्का चुंबन किया।मीरा ने हँसी में अपना सिर झुका लिया ,पर उसके भीतर एक कराहती इच्छा उठ रही थी।
निशा भी पास आई ,उसकी आँखों में कुछ शरारती जिज्ञासा ।उसने मीरा के बालों को हल्का सा सहलाया और फुसफुसाया , " देख रही हो यहाँ सब अपने नखरे दिखा रहे हैं।" मीरा की नज़रें झिझकते हुए झांक गईं ,और उसने महसूस किया कि ये सब उसके लिए एक नया अनुभव था।
अचानक हवेली के एक कमरे में धीमी रौशनी में छोटे पर्दों के पीछे किसी ने हाथ का खेल शुरू कर दिया।मीरा ने महसूस किया कि हवा में सिर्फ वासना ही नहीं ,बल्कि खिंचाव और अनजान रोमांच भी फैल रहा था।उसने राजीव की ओर देखा ,और उसने सिर हिलाकर संकेत किया कि यह सब खेल का हिस्सा है।
मीरा ने धीरे से अपने होंठों का खेल शुरू किया – राजीव के होंठों से पास होते हुए ,हल्की हँसी और सांसों की गरमाहट।राजीव ने उसकी कमर और पीठ को हल्के हाथों से सहलाया ,और मीरा ने महसूस किया कि उसके स्तन के पास स्पर्श ने उसकी सारी वासना और बढ़ा दी है।
वही अजनबी ,जो अभी तक नजरों से ही पास आता रहा ,अब धीरे – धीरे आगे बढ़ा और मीरा की हाथ की उँगली पकड़ कर उसे झिझकते हुए पास खींचा।मीरा का दिल तेज़ धड़क रहा था ,और उसने महसूस किया कि ये intimate स्पर्श उसकी अंदर की गुप्त इच्छा को बाहर ला रहा है।
राजीव ने धीरे से मीरा को कंधे से पकड़कर पास खींचा ,और उसकी आँखों में वही नटखट चमक ।उसने कहा , " आज रात सिर्फ़ हम नहीं ये हवेली भी हमारे खेल का हिस्सा है।" मीरा ने सिर हिलाकर सहमति दी ,और उसके हाथ खुद – ब – खुद अजनबी और राजीव के स्पर्श के बीच झूल रहे थे।
संगीत की धीमी लय ने चुंबन और हल्की छेड़खानी को और रोमांचक बना दिया।मीरा ने महसूस किया कि उसकी हर साँस में वासना और उत्सुकता घुल रही है।उसकी आँखें अजनबी की ओर झांक रही थीं ,पर दिल राजीव के पास ही टिक गया था।
धीरे – धीरे हवेली के छोटे कमरे और गली में हौले – हौले intimate खेल बढ़ रहे थे।मीरा की गालों की लालिमा और होंठों की हल्की हँसी ने माहौल को और भी तीव्र बना दिया।हर बार जब कोई नकाबधारी उसके पास आता ,मीरा की वासना और अनजाने खिंचाव बढ़ता।
राजीव ने मीरा के कान में फुसफुसाया , " तुमने अभी तक जो महसूस किया ,वो सिर्फ शुरुआत है " मीरा ने हँसते हुए उसकी आँखों में देखा ,और महसूस किया कि हवेली का हर कोना अब उसके नखरे ,कराहती सांसें और छुपी इच्छाएँ से भर गया है।
मीरा ने धीरे से खुद को अजनबी और राजीव के स्पर्शों के बीच झूलते पाया।उसका दिल गर्माहट और रोमांच से भर गया।हवेली की लाल बत्तियाँ और धीमी संगीत की धुनें ,इस intimate और teasing खेल में और भी रंग भर रही थीं।
और तभी पीछे से वही गहरी आवाज़ फुसफुसाई –
" अब असली खेल शुरू होने वाला है पर सिर्फ वही जो खुद को खो देने को तैयार है।"
मीरा की नज़रें राजीव और अजनबी के बीच झूलती रहीं ,और उसके दिल में खिंचाव ,वासना और रहस्य की मिली – जुली भावना ने रात को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
मीरा ने महसूस किया कि हवेली का हर कोना अब वासना से सराबोर हो रहा है।संगीत की धीमी धुन के बीच ,नकाबधारी लोग धीरे – धीरे पास आ रहे थे ,और उनका हर स्पर्श मीरा की नज़रें और दिल दोनों पर असर डाल रहा था।उसकी गालों की लालिमा और हल्की कराहती साँसें हवेली में घुल गईं ,और राजीव की नटखट मुस्कान इस सबका हिस्सा बन गई।
वही अजनबी धीरे – धीरे पास आया और मीरा की पीठ पर हल्का स्पर्श किया।मीरा ने खुद को रोकते हुए महसूस किया कि उसके स्तन पर ये हल्का छूना उसके अंदर की वासना को और बढ़ा रहा है।उसने राजीव की ओर देखा ,और उसने हल्की हँसी के साथ उसकी आँखों में वही intimate समझ देखी।
निशा भी पास आई और मीरा की कमर को धीरे चूमें ,फुसफुसाते हुए , " देख रही हो ?सबकी निगाहें सिर्फ़ तुम्हारे नखरे पर हैं।" मीरा की साँसें तेज़ हो गईं ,और उसका दिल खिंचाव और गर्माहट से भर गया।
राजीव ने मीरा को अपने पास खींचा और उसके होंठों पर हल्का चुंबन किया।मीरा ने खुद को उसकी बाँहों में महसूस किया ,और हर स्पर्श उसकी वासना को और गहरा कर रहा था।हवेली की हर कोने में नकाबधारी लोग छेड़छाड़ और हौले चुंबन में व्यस्त थे ,और मीरा खुद को इस intimate खेल में खोते हुए महसूस कर रही थी।
अजनबी ने फिर उसके हाथ को पकड़कर धीरे से अपने पास खींचा।मीरा का दिल तेज़ धड़क रहा था।उसने महसूस किया कि उसके स्तन और पीठ पर हर स्पर्श उसके अंदर के खिंचाव और इच्छाएँ और बढ़ा रहा था।राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ उसका हाथ अपने हाथ में थामा ,और फुसफुसाया , " बस यही तो मज़ा है – नकाबों के पीछे छुपी वासना ।"
मीरा ने महसूस किया कि हवेली की गर्माहट अब सिर्फ़ बाहरी नहीं ,बल्कि उसके भीतर तक फैल चुकी थी।उसकी आँखें झूलती रहीं – कभी अजनबी की ओर ,कभी राजीव की ओर।हर बार जब कोई उसके पास आता ,उसकी कराहती साँसें और हल्का होंठों का खेल माहौल को और intense बना देता।
निशा ने मीरा की कमर को और पास खींचा और धीरे से उसके होंठों पर चुंबन किया।मीरा ने महसूस किया कि ये intimate teasing उसकी वासना और खिंचाव को हद से ज्यादा बढ़ा रहा है।राजीव ने उसकी पीठ पर हल्का स्पर्श करते हुए कहा , " तुमने अब तक जो महसूस किया ,वो बस शुरुआत है।"
हवेली के अंदर छोटी – छोटी गुप्त गलियाँ और कमरे अब और भी intense teasing का हिस्सा बन चुके थे।मीरा की नटखट आँखें हर कदम पर झलक रही थीं ,और उसके स्तन और कमर पर हर हल्का स्पर्श उसके भीतर की वासना और गरमाहट को और बढ़ा रहा था।
वही अजनबी अब मीरा के पास खड़ा था ,उसकी आँखों में हल्की मिस्टी चमक ,और धीरे – धीरे उसने उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर हल्का सा चुंबन किया।मीरा ने महसूस किया कि हर intimate स्पर्श और चुंबन उसके अंदर की खिंचाव और इच्छा को हद से ज्यादा बढ़ा रहा है।
राजीव ने उसकी पीठ से हल्का स्पर्श और मालिश किया ,और मीरा ने कराहती साँसों के साथ महसूस किया कि ये रात अब सिर्फ़ वासना और intimate teasing की है।हवेली में लाल बत्तियाँ ,धीमी संगीत और नकाबधारी की हर हँसी ने इस खेल को और भी तेज कर दिया।
फिर अचानक वही गहरी आवाज़ फुसफुसाई –
" जो अब तक छुपा रहा ,अब सामने आने वाला है सिर्फ़ वही जो खुद को खोने को तैयार है।"
मीरा ने महसूस किया कि उसके दिल में खिंचाव ,वासना और रोमांच का नया स्तर पहुँच चुका है।उसकी आँखें झूल रही थीं – नकाबधारी के बीच राजीव और अजनबी के स्पर्श के खेल में।हवेली अब पूरी तरह intimate, teasing और suspense से भरी हुई थी।
मीरा ने महसूस किया कि हवेली की गर्माहट अब उसकी त्वचा के भीतर तक फैल रही थी।हर कोने से आती हल्की फुसफुसाहट और धीमी हँसी ने उसके खिंचाव को और बढ़ा दिया।राजीव उसके पास खड़ा था ,उसकी आँखों में वही नटखट मुस्कान ,और हर बार उसका हल्का स्पर्श मीरा के स्तन और पीठ पर लगते ही उसकी वासना हिल उठती।
वही अजनबी अब और करीब आ गया।उसने धीरे – धीरे मीरा की ** कलाई पकड़कर हल्का चुंबन किया।मीरा की साँसें कराहती हो गईं और उसने महसूस किया कि ये intimate teasing उसकी गुप्त इच्छाओं को बाहर ला रही थी।उसकी आँखें राजीव की ओर झूल गईं ,जो मुस्कुराते हुए उसका हाथ अपने हाथ में ले रहा था।
निशा भी पास आई ,और मीरा के कंधे और कमर पर हल्का स्पर्श किया।मीरा की होंठों की लालिमा बढ़ गई ,और उसने महसूस किया कि हवेली के हर कोने में उसका खिंचाव और वासना फैल रही है।राजीव ने मीरा के होंठों को अपने होंठों से छूते हुए फुसफुसाया , " बस यही तो मज़ा है – नकाबों के पीछे सब सच बोलते हैं।"
मीरा ने हल्की हँसी के साथ उसकी आँखों में देखा ,और उसके अंदर की वासना और गर्माहट बढ़ने लगी।अजनबी ने फिर उसके हाथ और कलाई पर हल्का स्पर्श किया।मीरा ने महसूस किया कि उसके अंग और स्तन पर हर हल्का स्पर्श उसकी intimate इच्छाओं को और गहरा कर रहा है।
राजीव ने मीरा के पीठ और कमर को हल्की मालिश दी ,और मीरा की कराहती साँसें हवेली के चारों ओर फैल गईं।उसने देखा कि हर नकाबधारी अब धीरे – धीरे अपने स्पर्श और चुंबन के खेल में खो गया था।मीरा ने महसूस किया कि उसका शरीर अब वासना और खिंचाव से पूरी तरह जग चुका है।
निशा ने मीरा की आँखों में झाँककर कहा , " देख रही हो हर कोई अपने नखरे और इच्छाएँ दिखा रहा है।" मीरा ने सिर हिलाकर सहमति दी ,और अपने होंठों और हाथों से राजीव और अजनबी के intimate खेल में झूल गई।हवेली की लाल बत्तियाँ ,धीमी संगीत की धुनें ,और नकाबधारी की हर हँसी और कराहती साँस ने माहौल को और तीव्र बना दिया।
मीरा ने महसूस किया कि उसका खिंचाव और वासना अब सिर्फ़ उसके भीतर नहीं ,बल्कि हवेली के हर कोने में फैल रही थी।हर स्पर्श ,चुंबन और हल्की छेड़खानी ने उसकी intimate इच्छाओं को और गहरा कर दिया।
अचानक वही गहरी आवाज़ फिर से गूँजी –
" जो अब तक छुपा रहा ,अब सामने आने वाला है जो खुद को खोने को तैयार है ,वही असली मज़ा पाएगा।"
मीरा ने महसूस किया कि उसके दिल में वासना ,गर्माहट और खिंचाव का नया स्तर पहुँच चुका है।उसकी आँखें झूल रही थीं – नकाबधारी के बीच राजीव और अजनबी के स्पर्श और चुंबन के खेल में।हवेली अब पूरी तरह intimate teasing, suspense और रहस्य से भर गई थी।
राजीव ने मीरा को अपने पास खींचा और हल्का चुंबन किया।मीरा ने महसूस किया कि उसके स्तन ,कमर और हाथ अब हर स्पर्श के लिए संवेदनशील हो चुके हैं।उसका दिल तेज़ धड़क रहा था ,और उसकी वासना और खिंचाव हर पल बढ़ रही थी।
निशा भी पास खड़ी थी ,और मीरा के होंठों पर हल्का चुंबन और स्पर्श किया।मीरा ने महसूस किया कि ये रात अब सिर्फ़ intimate teasing,कराहती साँसें और गर्माहट से भरी हुई थी।हवेली में लाल बत्तियाँ झिलमिला रही थीं ,और हर नकाबधारी की नज़रें मीरा और राजीव पर टिक गई थीं।
मीरा ने राजीव की ओर देखा और उसकी नटखट मुस्कान को महसूस किया।उसने अपने अंग और हाथों को हल्का हिलाया ,और हर स्पर्श और चुंबन को अपने अंदर की वासना और गर्माहट के साथ महसूस किया।
और तभी पीछे से वही फुसफुसाहट आई –
" अब असली खेल शुरू होने वाला है हर नकाब का रहस्य खुलने वाला है।"
मीरा ने महसूस किया कि हवेली का हर कोना अब उसके खिंचाव ,वासना और intimate teasing से भर गया है।उसकी आँखें झूल रही थीं – नकाबधारी ,राजीव और अजनबी के बीच।रात अब सस्पेंस ,रोमांच और रहस्य से पूरी तरह घिर चुकी थी।
मीरा ने महसूस किया कि हवेली की गर्माहट अब उसके हर अंग और स्तन तक फैल चुकी थी।हर स्पर्श और चुंबन में उसका दिल खिंचाव और वासना से भर रहा था।राजीव ने उसके कंधे और कमर पर हल्का स्पर्श किया और धीरे से कहा , " तुमने महसूस किया ,ना ?ये रात सिर्फ़ हमारा खेल है।" मीरा की होंठों की हल्की हँसी और कराहती साँसें हवेली में गूंज रही थीं।
वही अजनबी अब और करीब आया ,और उसकी उँगली हल्के स्पर्श से मीरा के हाथ और पीठ को छू गई।मीरा ने महसूस किया कि हर intimate teasing उसकी वासना और खिंचाव को और बढ़ा रहा है।उसकी आँखें झूल रही थीं – कभी अजनबी ,कभी राजीव की ओर।
निशा ने मीरा के होंठों पर हल्का चुंबन किया और उसके कंधे पर नटखट स्पर्श किया।मीरा की गालों की लालिमा और कराहती साँसें हवेली की हर intimate हवा में घुल गईं।राजीव ने मीरा की कमर को अपने हाथों में लेकर धीरे – धीरे चुंबन और मालिश की।मीरा ने महसूस किया कि उसके स्तन ,हाथ और कमर अब हर स्पर्श और चुंबन पर तीव्र प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
हवेली में हर नकाबधारी अब धीरे – धीरे छेड़खानी और चुंबन के खेल में व्यस्त था।मीरा ने महसूस किया कि उसका शरीर वासना और खिंचाव से पूरी तरह जाग चुका था।राजीव ने मीरा के होंठों और गालों पर चुंबन करते हुए फुसफुसाया , " तुम्हारी वासना और नटखट मुस्कान हवेली को और भी गर्म कर रही है।"
मीरा ने महसूस किया कि उसके अंग और स्तन अब हर स्पर्श और intimate teasing पर संवेदनशील हो गए हैं।वही अजनबी उसके पास आया ,और उसकी उँगली हल्के स्पर्श से मीरा के पीठ और कमर पर चल गई।मीरा की कराहती साँसें हवेली में गूंज रही थीं ,और उसने महसूस किया कि हर चुंबन और स्पर्श उसकी वासना और खिंचाव को और गहरा कर रहा है।
निशा ने मीरा की कमर को पकड़कर हल्का intimate स्पर्श किया और हँसते हुए फुसफुसाया , " देख रही हो हर कोई तुम्हारी नखरे और इच्छाएँ महसूस कर रहा है।" मीरा ने हँसते हुए राजीव की ओर देखा ,और उसके नटखट स्पर्श और चुंबन ने उसे पूरी तरह बहा दिया।
अचानक वही गहरी आवाज़ फिर गूँजी –
" अब असली खेल शुरू होने वाला है हर नकाब का रहस्य सामने आएगा।जो खुद को खोने को तैयार है ,वही असली मज़ा पाएगा।"
मीरा ने महसूस किया कि हवेली में गर्माहट ,वासना और खिंचाव का स्तर और बढ़ गया है।उसकी आँखें झूल रही थीं – नकाबधारी ,राजीव और अजनबी के बीच।हवेली अब पूरी तरह intimate teasing और suspense से भर गई थी।
राजीव ने मीरा को अपने पास खींचा और उसके होंठों और गालों पर चुंबन किया।मीरा ने महसूस किया कि उसके स्तन ,कमर और हाथ अब हर स्पर्श और चुंबन के लिए संवेदनशील हो गए हैं।वही अजनबी उसके हाथ को पकड़कर धीरे – धीरे intimate teasing कर रहा था ,और मीरा की कराहती साँसें और गर्माहट हवेली के हर कोने में फैल रही थीं।
मीरा ने महसूस किया कि उसका खिंचाव ,वासना और इच्छाएँ अब चरम पर पहुँच रही थीं।हर स्पर्श ,चुंबन और हल्की छेड़खानी ने उसे intimate और teasing खेल में पूरी तरह डुबो दिया था।हवेली की लाल बत्तियाँ झिलमिला रही थीं ,और हर नकाबधारी की नज़रें मीरा और राजीव पर टिक गई थीं।
और तभी वही फुसफुसाहट गूंज उठी –
" अब नकाब हटा देखो असली पहचान ,और खेल को पूरी तरह महसूस करो।"
मीरा ने महसूस किया कि हवेली का हर कोना अब उसके वासना ,खिंचाव और intimate teasing से भर गया है।उसकी आँखें झूल रही थीं – नकाबधारी ,राजीव और अजनबी के बीच।रात अब पूरी तरह सस्पेंस ,रोमांच और रहस्य से घिर चुकी थी।
मीरा ने महसूस किया कि हवेली की गर्माहट अब उसके अंग और स्तन तक फैल चुकी थी।हर स्पर्श ,चुंबन और हल्की छेड़खानी ने उसकी वासना और खिंचाव को चरम पर पहुँचा दिया था।राजीव उसके पास खड़ा था ,उसकी नटखट मुस्कान और intimate स्पर्श से मीरा पूरी तरह बह रही थी।
फिर वही गहरी आवाज़ फुसफुसाई –
" अब नकाब हटा दो असली पहचान सबके सामने।"
मीरा ने हिम्मत जुटाई और धीरे – धीरे अपना नकाब हटा लिया।उसके सामने अजनबी भी अपना नकाब हटाने लगा।मीरा की आँखें चौड़ी रह गईं – अजनबी वही मिस्टर X था !उसकी गहरी आँखों में वही रहस्य और खेल की वासना झलक रही थी।
राजीव ने भी अपना नकाब हटा दिया।मीरा ने महसूस किया कि उसकी होंठों की गर्माहट ,कराहती साँसें ,और अंगों का खिंचाव अब और तीव्र हो चुका था।राजीव ने मीरा के स्तन और कमर पर हल्का स्पर्श किया ,और मीरा ने अपने होंठों और हाथों से उसके intimate चुंबन को महसूस किया।
मिस्टर X ने मुस्कुराते हुए कहा , " अब सब सच सामने है जो छुपा रहा ,अब सामने है।" मीरा ने महसूस किया कि हवेली में हर नकाबधारी की नज़रें ,हर स्पर्श और हल्की छेड़खानी ,और हर intimate खेल अब चरम पर पहुँच चुका था।
निशा भी पास आई ,और मीरा के कंधे और हाथ पर हल्का स्पर्श किया।मीरा की गालों की लालिमा और कराहती साँसें हवेली में गूंज रही थीं।उसने महसूस किया कि अब उसकी वासना और खिंचाव सिर्फ़ हवेली में नहीं ,बल्कि उसके भीतर चरम पर पहुँच चुका था।
राजीव ने धीरे – धीरे मीरा के होंठों को चूमा ,और मीरा ने महसूस किया कि हर स्पर्श और चुंबन उसकी intimate इच्छाएँ और बढ़ा रहा है।उसका शरीर गर्माहट ,खिंचाव और वासना से भर गया था।
मीरा ने अपने अंग और स्तन को हल्का हिलाया ,और हर स्पर्श और चुंबन को पूरी तरह महसूस किया।राजीव ने उसके पीठ और कमर पर हल्की मालिश और स्पर्श करते हुए फुसफुसाया , " तुम्हारी वासना और नटखट मुस्कान हवेली को और भी गर्म कर रही है।"
मिस्टर X ने मीरा की ओर झुककर कहा , " अब जो खेल शुरू हुआ है ,वो सिर्फ़ तुम्हारे और राजीव के बीच का रहस्य है।" मीरा ने महसूस किया कि हवेली का हर कोना अब intimate teasing और खिंचाव से भरा था।
राजीव ने मीरा के होंठों और गालों पर चुंबन किया।मीरा ने महसूस किया कि उसके स्तन ,कमर और हाथ अब हर स्पर्श और चुंबन पर संवेदनशील हो गए हैं।उसकी कराहती साँसें और गर्माहट हवेली के चारों ओर फैल गईं।
मीरा ने राजीव की आँखों में देखा ,और दोनों का intimate खेल चरम पर पहुँच गया।हर स्पर्श ,चुंबन और हल्की छेड़खानी ने उनकी वासना और खिंचाव को मिलाकर एक अजीब – सा romantic-suspense पैदा कर दिया।
निशा ने भी पास आकर मीरा के होंठों और कंधे पर हल्का स्पर्श और चुंबन किया।मीरा की गर्माहट और कराहती साँसें हवेली में गूंज रही थीं।हर नकाबधारी की नज़रें अब केवल उन्हें देख रही थीं।
राजीव ने मीरा के अंग और हाथ को अपनी उँगलियों में लिया और धीरे – धीरे उसके intimate स्पर्श और चुंबन को महसूस किया।मीरा ने वासना और खिंचाव को चरम पर महसूस किया।हवेली की लाल बत्तियाँ झिलमिला रही थीं ,और हर स्पर्श और हल्की छेड़खानी ने माहौल को और भी intense बना दिया।
फिर राजीव ने मीरा के कान में फुसफुसाया , " ये रात हमारी intimate teasing और वासना की कहानी है।" मीरा ने सिर हिलाया और अपने होंठों और अंगों के हर स्पर्श को पूरी तरह महसूस किया।
हवेली अब पूरी तरह वासना ,खिंचाव और intimate climax से भरी थी।हर नकाबधारी ने अपना रहस्य दिखाया ,और मीरा और राजीव ने महसूस किया कि उनकी intimate bonding और teasing अब चरम पर पहुँच चुकी थी।
रात का हर स्पर्श ,चुंबन और कराहती साँस उन्हें हवेली की छाया में एक अजीब – सा romantic-sensual thrill दे रहा था।और इस तरह ,मीरा और राजीव की intimate कहानी अपने चरम पर पहुँच गई – नकाब हट गए ,रहस्य खुला ,और वासना और खिंचाव की रात यादगार बन गई।