Short Teaser Meera ki नज़रों में शरारत और वासना दोनों झलक रही थ ी ,और Rajiv के हाथ हल्के – हल्के उसके कमर पर घिसकते ही उसका दिल तेज़ी से धड़क उठा।ये ट्रेन की छोटी ,बंद केबिन ,उनकी चुपचाप की ललक और forbidden thrill को और बढ़ा रही थी।
Character Detail
Meera (28 साल ):पतली काया ,नटखट नखरे ,हल्की गुलाबी cheeks और छुपी वासना ;चूची और चूत पर हाथ पड़ते ही secretly excited ।Rajiv (30 साल ): muscular, teasing में माहिर , subtle touch से Meera की vasna को trigger करता है ; secretly enjoy करता है wife के blush और intimate play ।
Plot / Setting
Small village express की secluded cabin,दोपहर की धूप हल्की ,हवा हल्की – हल्की झंकती ,खिड़की से बाहर खेत और गाँव के घर नजर आते हैं।Mood: secret teasing, open-ish environment का public-ish thrill,बस उनके और train की आवाज़ के बीच।
Meera ने जैसे ही अपनी आंखें Rajiv से मिलाईं ,एक mischievous smile उसके होंठों पर आई।"Rajiv मुझे लगता है ये cabin बहुत cozy है तुम जानते हो ?" उसकी आवाज़ में हल्की हिचक ,और हल्का blush ।Rajiv ने उसका हाथ पकड़ते हुए धीमे से गले में दबाया , " हाँ और मैं चाहता हूँ कि ये पल सिर्फ हमारा हो कोई हमें देखे ना।"
उसकी बातें जैसे ही cabin में गूँजी , Meera की नखरे और blush और तेज़ हो गए।Rajiv ने धीरे से उसके निप्पल पर अंगुलियों का हल्का दबाव डाला।Meera ने अचानक कराहती हुई खुद को पीछे खींचा , " अरे ये थोड़ा ज़्यादा नहीं ?" लेकिन उसकी आँखों की चमक झूठ नहीं बोल रही थी।
Rajiv ने उसकी चूची के पास से हाथ घुमाते हुए धीरे से tease किया।" बस थोड़ा मुझे बस तुम्हारा blush चाहिए ," उसने whispers में कहा।Meera ने उसके होंठों की ओर झुकी ,लेकिन train की हलचल ने दोनों को अचानक थोड़ा पीछे खींच लिया।उसका दिल तेज़ धड़क रहा था ,और हाथों का खिंचाव और intimate teasing दोनों को और उतेजित कर रहा था।
Meera ने अपनी छोटी उँगलियों से Rajiv की गर्दन पर हल्का massage दिया।" तुम्हें पता है ये secret touch मुझे अंदर तक गर्माहट दे रहा है ," उसने धीरे से कहा।Rajiv ने उसकी कमर कसकर पकड़ ली , " बस इसे और बढ़ा सकते हैं लेकिन कोई बाहर से देख न ले।"
Train की झकझक हर बार जैसे उनके blush और कराहती सांसों को synchronize कर रही थी।Meera ने धीरे से Rajiv के लंड के पास हाथ रखा , teasing motion में हल्का squeeze किया ,और उसकी चूत पर छोटे चुंबन छोड़ दिए।Rajiv ने उसकी स्तन और निप्पल पर धीरे से अंगुलियों का खेल किया ,और Meera की वासना और blush दोनों peak पर पहुँचने लगे।
Meera ने अपने होंठों से उसके कान के पास whispers में कहा , " अगर कोई हमें देख ले तो मैं शायद खड़ी न रह पाऊँगी।" Rajiv ने उसकी चूत पर हल्की मालिश करते हुए उसकी aankhon में देखा , " बस तुम मुझे यही blush और कराहती आवाज़ दे रही हो ,और मैं और tease करूँगा।"
Cabin की छोटी जगह में उनके intimate game ने धीरे – धीरे गर्माहट और खिंचाव को और बढ़ा दिया।Meera की चूची और निप्पल पर Rajiv के हाथों का असर ,उनकी secret vasna को लगातार ignite कर रहा था।हर छोटा touch और brush, blush और कराहती सांसों के बीच forbidden thrill को और बढ़ा रहा था।
जैसे ही train की लहराती गति ने cabin को हल्का झकझोर दिय ा ,Meera और Rajiv दोनों ने अपने blush और vasna को रोकने की कोशिश की ,लेकिन उनके अंदर की craving लगातार बढ़ रही थी।"Rajiv अगली station तक हम ये रोक पाएँगे ?" Meera ने थोड़ी nervous और teasing आवाज़ में पूछा।Rajiv ने उसकी चूत के पास हाथ घुमाते हुए हंसते हुए कह ा ," बस थोड़ी देर और फिर " लेकिन cabin का दरवाज़ा हल्का सा खुला और बाहर से shadow सा गुजरता दिखाई दिया।
Meera की आँखों में अचानक एक mixture था – thrill, guilt और craving ,और Rajiv की मुस्कान में वही naughty tease ।दोनों जानते थे कि ये secret cabin,ये forbidden teasing,और यह shadow उन्हें अगले level के intimacy के लिए और आग उकसा रहा है।
Cabin ka shadow train ke halke halke lights me aur blurred ho kar guzar gaya, lekin Meera aur Rajiv ke dil ki धड़कन तो जैसे तेज़ हो गई थी।Meera ने अपनी उंगलियाँ Rajiv की छाती पर फेरते हुए हल्का tease किया।"Rajiv तुम्हें पता है ,ये shadow मुझे और उत्साहित कर रहा है।" Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए उसकी चूत के पास हाथ घुमाया और हल्की मालिश की।" बस इसे और बढ़ने देंगे कोई देख ले तो tension का thrill ही अलग होगा।"
Meera की आँखों में mischievous shine थी ,और उसने Rajiv के लंड के पास अपने हाथ को tease करते हुए धीरे से squeeze किया।उसकी निप्पल और स्तन पर Rajiv के अंगुलियों का खेल उसकी blush और कराहती सांसों को और तेज कर रहा था।" अरे Rajiv थोड़ा और नटखट मत करो ," Meera ने half whisper में कहा ,लेकिन उसकी आवाज़ में vasna की गर्माहट छुपी नहीं थी।
Rajiv ने उसकी चूची और चूत के पास हाथ घुमाते हुए teasing motion बढ़ा दिया।" बस थोड़ा मैं चाहता हूँ कि तुम्हारी blush और कराहती आवाज़ cabin में echo करे।" Meera ने उसके होंठों की ओर झुकते हुए उसे छेड़ा ,और हल्का चुंबन उसके कान पर छोड़ दिया।" तुम बहुत naughty हो ," उसने हंसते हुए कहा ,और shadow की तरफ एक नजर डाली।
Train की हलचल उनके intimate teasing को और ज़्यादा rhythm दे रही थी।हर छोटा खिंचाव ,हर हल्की touch,उनके blush और vasna को peak तक ले जा रहा था।Meera ने अपने नखरे और blush को control करने की कोशिश की ,लेकिन Rajiv के हाथों का intimate खेल उसे रोक नहीं पा रहा था।उसने उसकी स्तन और निप्पल पर धीरे से दबाव डाला ,और Meera की चूत पर हल्की मालिश की।
"Rajiv अगर कोई हमें देख ले तो " Meera ने थोड़ा nervous होकर कहा।Rajiv ने उसकी चूत पर हल्का squeeze करते हुए whisper किया , " बस ये blush और कराहती आवाज़ मुझे और tease कर रही है।मैं और नहीं रोक पाऊँगा।" Meera ने उसकी गर्दन पर अपने होंठों का खेल शुरू किया ,हल्के चुंबन और whispers में blush को और tease किया।
Cabin का shadow train की हर हलचल में आगे – पीछे हो रहा था ,और ये secret thrill उनके blush और vasna को लगातार बढ़ा रहा था।Rajiv ने Meera के कमर और पीठ पर हल्का massage किया ,और उसकी चूत पर अंगुलियों का खिंचाव और teasing motion जारी रखा।Meera की कराहती सांसों और blush में guilt और craving का mixture साफ़ नजर आ रहा था।
Meera ने धीरे से Rajiv की छाती पर हाथ रखा और उसकी गर्माहट महसूस की।"Rajiv मैं बस ये blush रोक नहीं पा रही ," उसने whisper में कहा।Rajiv ने उसकी चूची और स्तन पर हल्का pressure डालते हुए teasing बढ़ाया।" बस थोड़ा और shadow के डर में blush और vasna और sexy लग रही है ," उसने murmured किया।
Train की झकझक और cabin की confined space ने उनके blush, karahati सांसों और secret teasing को और intimate बना दिया।Meera ने Rajiv के कान पर whispers में कहा , " अगर कोई देख ले तो मैं शायद control खो दूँगी।" Rajiv ने उसकी चूत और स्तन पर हल्का squeeze करते हुए उसे tease किया ,और Meera की blush और vasna का level धीरे – धीरे peak की तरफ बढ़ने लगा।
Meera ने Rajiv के होंठों के पास अपने lips का खेल जारी रखा ,हल्की चुंबन और whispers में blush को और tease किया।Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए teasing motion और बढ़ाया ,और shadow की presence ने forbidden thrill को और intense बना दिया।Meera ने हल्की कराहती आवाज़ में कहा , "Rajiv अगले station तक क्या हम ?" लेकिन Rajiv ने सिर्फ मुस्कुराते हुए उसे tease किया और blush को और ignite किया।
Cabin में shadow की हल्की presence, train की झकझक ,और उनके blush, vasna और intimate teasing ने एक ऐसी हवा बना दी थी ,जो suspense और craving से भरी थी।Meera और Rajiv दोनों जानते थे कि ये secret cabin,ये forbidden touch और teasing,उनके अगले intimacy के level को trigger कर रहा था।Shadow बस एक reminder की तरह था कि कोई भी उन्हें देख सकता है ,और यही public-ish thrill उन्हें और naughty बना रहा था।
Meera ने Rajiv के लंड के पास हाथ घुमाते हुए blush और karahati सांसों को control करने की कोशिश की ,लेकिन उसकी चूची और निप्पल पर Rajiv के teasing hands ने उसे पूरी तरह ignite कर दिया।"Rajiv ये blush ये warmth मुझे और crazy बना रही है ," उसने whisper किया।Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए blush और vasna को और tease किया ,और दोनों जानते थे कि next part में shadow का suspense और cabin का naughty game और आगे बढ़ेगा।
Shadow train ke हल्की रोशनी में धीरे – धीरे cabin के पास गुज़रता रहा ,और Meera की आँखों में curiosity और vasna दोनों झलक रहे थे।उसने Rajiv के हाथ को अपनी कमर पर महसूस किया और हल्का tease करते हुए कहा , "Rajiv ये shadow मुझे और naughty बना रहा है।" Rajiv ने उसकी चूत पर हल्की मालिश करते हुए blush और कराहती आवाज़ को tease किया।" बस थोड़ा मैं चाहता हूँ कि तुम्हारा blush cabin में echo करे ," उसने whisper किया।
Meera ने अपनी उँगलियों से Rajiv के लंड पर हल्का खिंचाव किया और उसके होंठों के पास धीरे से चुंबन छोड़ा।" तुम बहुत naughty हो ," उसने blush करते हुए कहा।Rajiv ने उसकी निप्पल और स्तन पर अंगुलियों का खेल तेज़ किया ,और Meera की कराहती सांसों में guilt और craving का mixture साफ़ झलक रहा था।
Train की हलचल cabin में हर movement के साथ blush और teasing को और escalate कर रही थी।Meera ने Rajiv की गर्दन पर हल्की चुंबन डालते हुए उसकी छाती पर अपने हाथों का massage शुरू किया।"Rajiv मैं ये blush रोक नहीं पा रही ," उसने whisper किया।Rajiv ने उसकी चूत पर हल्का squeeze करते हुए teasing और बढ़ाया।" बस थोड़ा और shadow के डर में blush और vasna और sexy लग रही है ," उसने murmured किया।
Cabin की confined space में blush, intimate teasing और कराहती आवाज़ों ने एक heated rhythm बना दिया।Meera ने Rajiv के कान के पास whispers में कहा , " अगर कोई देख ले तो मैं शायद control खो दूँगी।" Rajiv ने उसकी चूत और स्तन पर हल्का pressure डालते हुए blush को और tease किया।Shadow की presence ने forbidden thrill को और intense बना दिया।
Meera ने Rajiv के होंठों के पास अपने lips का खेल जारी रखा ,हल्की चुंबन और whispers में blush को और tease किया।Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए teasing motion और बढ़ाया।Meera ने blush और कराहती सांसों को control करने की कोशिश की ,लेकिन Rajiv के हाथों का teasing game उसे पूरी तरह ignite कर रहा था।
Shadow की हल्की movement ने दोनों के blush और vasna को और ignite किया।Meera ने Rajiv के लंड के पास हाथ घुमाते हुए blush और कराहती सांसों को control करने की कोशिश की ,लेकिन उसकी चूत और निप्पल पर Rajiv के teasing hands ने उसे पूरी तरह excite कर दिया।"Rajiv ये blush ये warmth मुझे और crazy बना रही है ," उसने whisper किया।Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए blush और vasna को और tease किया।
Train की झकझक और cabin की confined space ने blush, vasna और teasing को और intimate बना दिया।Meera और Rajiv दोनों जानते थे कि ये secret cabin,ये forbidden touch और teasing,उनके अगले intimacy के level को trigger कर रहा था।Shadow बस reminder की तरह था कि कोई भी उन्हें देख सकता है ,और यही public-ish thrill उन्हें और naughty बना रहा था।
Meera ने Rajiv के हाथों को अपनी चूची और स्तन पर महसूस किया और हल्का blush करते हुए कहा , "Rajiv अगली station तक क्या हम ?" Rajiv ने मुस्कुराते हुए blush और teasing को और ignite किया और whispered, " बस थोड़ी देर और फिर " Shadow की हल्की movement ने suspense और craving को और बढ़ा दिया।
Cabin का space छोटे होते हुए भी blush, intimate touch,चुंबन और whispers का rhythm लगातार बढ़ रहा था।Meera की blush और vasna, Rajiv के teasing hands और shadow के public-ish thrill की वजह से लगातार peak की ओर बढ़ रहे थे।दोनों जानते थे कि अगले part में shadow और cabin का naughty game और risky और teasing होगा , blush और craving अपने highest levels तक पहुँच सकती है ,लेकिन climax अभी नहीं।
Train की हल्की झकझक के साथ shadow cabin की खिड़की के पास धीरे – धीरे पास आया।Meera की धड़कन तेज़ थी ,और उसकी नज़रों में excitement और vasna दोनों साफ़ झलक रही थी।उसने Rajiv की कमर कसते हुए whispered, "Rajiv लगता है ये shadow अब और करीब है " Rajiv ने उसकी चूत और निप्पल पर हल्का tease करते हुए blush और कराहती आवाज़ को aur ignite किया।" बस थोड़ा blush और vasna का खेल cabin में और मज़ेदार हो गया है ," उसने murmured किया।
Meera ने अपने होंठों से Rajiv के कान पर हल्का चुंबन छोड़ा ,और teasing motion में उसकी चूत पर हाथ घुमाया।" तुम इतने naughty क्यों हो ?" उसने blush करते हुए whispered ।Rajiv ने उसकी स्तन और निप्पल पर अंगुलियों का खेल तेज़ किया ,और Meera की कराहती सांसों में guilt और craving का mixture और गहरा हो गया।
Train की rhythm और cabin की confined space उनके blush, vasna और teasing को और intimate बना रही थी।Meera ने Rajiv के लंड के पास हाथ घुमाते हुए blush को control करने की कोशिश की ,लेकिन उसकी चूत और निप्पल पर teasing motion ने उसे पूरी तरह ignite कर दिया।"Rajiv ये warmth ये blush मुझे और crazy बना रही है ," उसने whispered ।
Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए blush और vasna को aur tease किया।Shadow की हल्की movement ने forbidden thrill और intense कर दिया।Meera ने blush करते हुए Rajiv की छाती पर हल्का massage किया और उसकी चुंबन के साथ blush को और ignite किया।" अगर कोई देख ले तो " उसने blush और guilt के साथ whispered ।Rajiv ने teasing motion को aur बढ़ाया , " बस तुम्हारी blush और कराहती आवाज़ cabin में echo कर रही है और मुझे यही पसंद है।"
Cabin की छोटी जगह में blush, intimate teasing,चुंबन और कराहती सांसें एक rhythm बना चुकी थी।Meera ने Rajiv के होंठों के पास अपने lips का खेल जारी रखा और blush को aur tease किया।Rajiv ने उसकी कमर कसते हुए teasing motion और बढ़ाया।Meera ने blush और कराहती सांसों को control करने की कोशिश की ,लेकिन Rajiv के teasing hands उसे पूरी तरह ignite कर रहे थे।
Shadow अब cabin के पास और करीब आया ,और Meera की आँखों में curiosity और vasna और बढ़ गई।उसने Rajiv के कान पर whispered, "Rajiv अगर वो देख ले तो मैं शायद control खो दूँगी।" Rajiv ने blush और teasing को aur escalate किया ,और उसकी चूत और स्तन पर हल्का pressure डालते हुए blush aur karahati आवाज़ को aur tease किया।
Train की हलचल और confined space ने blush, vasna और teasing को aur intense बना दिया।Meera ने blush और blush की गर्माहट महसूस करते हुए Rajiv के हाथों को अपनी चूची और स्तन पर guide किया।Shadow की presence ने public-ish thrill और forbidden craving को और ignite किया।
Meera ने blush करते हुए whispered, "Rajiv अगली station तक क्या हम ?" Rajiv ने blush और teasing को aur tease करते हुए whispered, " बस थोड़ी देर और फिर " Shadow का suspense aur cabin का naughty game blush aur craving को aur high level तक ले गया।
Cabin की confined space में blush, intimate touch,चुंबन , teasing और shadow का suspense लगातार बढ़ रहा था।
ट्रेन की रफ़्तार थोड़ी धीमी हुई तो खिड़की के पास की हवा और भारी लगने लगी।बाहर से किसी के कदमों की हल्की आहट सुनाई दी – वही साया ,जो अब तक बस धुंधला दिख रहा था ,इस बार जैसे और पास आ गया था।
Meera का दिल तेज़ी से धड़कने लगा।उसने Rajiv की बाँह पकड़ ली।" तुमने सुना न कोई था वहाँ बाहर ?" उसकी आवाज़ में डर कम ,पर एक अजीब – सी बेचैनी ज़्यादा थी।Rajiv ने उसकी आँखों में देखा , " हम्म शायद कोई TTE होगा ,या कोई और यात्री लेकिन तुम ऐसे काँप क्यों रही हो ?"
Meera ने धीमे से कहा , " पता नहीं पर जब तुम मुझे देख रहे होते हो ,लगता है जैसे बाहर की दुनिया रुक गई है।और जब कोई करीब आता है ,वो जादू टूटने लगता है " Rajiv मुस्कराया।उसने उसके हाथों को अपने हाथों में लिया , " तो फिर चलो ,जादू को वापस लाते हैं डर को नहीं।"
ट्रेन की झकझक अब एक धीमी लोरी जैसी लग रही थी।खिड़की से आती धूप Meera के चेहरे पर पड़ रही थी ,जिससे उसके माथे की लटें हल्के – हल्के हिल रही थीं।Rajiv ने बस उतना ही किया – उसके बालों को कानों के पीछे किया।वो छोटा सा स्पर्श इतना गहरा लगा कि Meera ने आँखें मूँद लीं।
बाहर कोई गुज़रा जरूर था ,पर अब फिर सन्नाटा था।cabin में बस दो सांसों की आवाज़ें थीं – पास आती ,फिर ठहर जातीं।Rajiv ने धीरे से कहा , " तुम्हें याद है ,जब पहली बार हम गाँव के मेले में मिले थे ?भीड़ थी ,पर मुझे बस तुम दिखीं।" Meera ने मुस्कराते हुए जवाब दिया , " और मुझे बस तुम्हारी आवाज़ याद रही थी "
एक पल के लिए दोनों ने एक – दूसरे को देखा – जैसे वक्त थम गया हो।cabin की दीवारों के बीच उस नज़र में वही पुराने एहसास लौट आए – सादगी ,चाहत ,और थोड़ा – सा डर कि कोई देख न ले।
अचानक बाहर से फिर एक हल्की खट की आवाज़ आई।Meera झटके से सीधी बैठ गई।"Rajiv,ये कोई और है ,मैं पक्के तौर पर कह सकती हूँ।" Rajiv ने सिर हिलाया , " शायद पर अगर कोई था भी ,तो अब चला गया होगा।" उसने खिड़की के पर्दे को थोड़ा सरकाया – बाहर धूप थी ,खेत पीछे छूट रहे थे।
लेकिन कुछ पल बाद उसने महसूस किया – सीट के नीचे से जैसे हवा का झोंका आया।Rajiv झुक कर देखने लगा ,पर वहाँ कुछ नहीं था।बस खाली जगह ,और नीचे रखे उनके बैग।
Meera ने धीमे स्वर में कहा , " कभी – कभी लगता है ,किसी की नज़र हम पर है जैसे ये cabin सच में secret नहीं।" Rajiv ने उसकी आँखों में झाँका , " शायद कुछ बातें secret इसलिए होती हैं ताकि उन्हें बस दो लोग समझें।"
वो मुस्करा दी।cabin में अब सन्नाटा नहीं था – बस दो लोगों की साँसे थीं ,जो धीरे – धीरे एक लय में चल रही थीं।बाहर की हवा में mystery थी ,अंदर के माहौल में warmth ।
Rajiv ने कह ा ," अगला स्टेशन आने वाला है अगर कोई सच में बाहर था ,तो वहीं दिख जाएगा।" Meera ने हल्का – सा सिर हिलाया , " और अगर नहीं दिखा तो ?" Rajiv ने मुस्कुराकर जवाब दिय ा ," तो फिर शायद ये साया हमारी कहानी का हिस्सा बन गया है।"
ट्रेन की खिड़की से बाहर देखते हुए Meera के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान थी – डर अभी भी था ,पर उसके पीछे एक अजीब – सी सुकून भी।जैसे उसने अपनी अधूरी चाहतों को स्वीकार कर लिया हो ,और अब बस इंतज़ार हो किसी अनकहे अगले मोड़ का।
रेलगाड़ी की खिड़की के बाहर रात उतर चुकी थी।हवा में ठंडक घुली थी ,और उसी में कहीं उनके बीच की गर्माहट भी मंद रोशनी में सिया की आँखों में एक अजीब चमक थी – डर और अपनापन दोनों।वो धीरे से बोली , " राज ,क्या तुम महसूस करते हो कोई हमें देख रहा है ?" राज ने उसकी काँपती उँगलियों को थाम लिया , " डरो मत मैं यहीं हूँ।"
उनके बीच जो दूरी थी ,वो अब खत्म हो चुकी थी।एक नज़दीकी जो शब्दों में नहीं थी ,बस सांसों की धड़कनों में थी।सिया ने अपना सिर राज के सीने पर टिका दिया – दिल की धड़कनें इतनी पास से सुनना शायद उसी का इंतज़ार था।
ट्रेन के झटकों के बीच उनका cabin थम – सा गया।रोशनी झिलमिलाई ,और खामोशी में बस दो दिलों की आहट बाकी रही।राज ने उसके बालों को धीरे – धीरे पीछे किया ,उसकी गर्दन के पास उँगलियाँ रुकीं।वो झुका ,पर कुछ बोल नहीं पाया – बस एक गहरी साँस उसके कानों को छू गई।सिया ने आँखें बंद कर लीं।उसकी पलकें काँपीं जैसे किसी अनकहे वादे को स्वीकार रही हों।
" राज " उसकी आवाज़ में एक नर्म कंपन था।" अगर ये सपना है तो मैं चाहती हूँ कि ये कभी ख़त्म न हो।" राज मुस्कराया , " सपना नहीं सिया बस सच को धीरे – धीरे महसूस कर रहे हैं।"
एक पल को cabin के बाहर से आहट आई – किसी के कदमों की।दोनों चौंक उठे।सिया ने उसके हाथों को कसकर पकड़ लिया।राज ने दरवाज़े की तरफ़ देखा – छाया हटी ,लेकिन कोई नहीं था।" शायद गार्ड होगा " उसने कहा ,पर उसकी आवाज़ में भी हल्का डर था।
वो फिर उसकी ओर मुड़ा , " चलो इस पल को याद बना लें बाहर की दुनिया के लिए नहीं ,बस अपने लिए।" सिया की आँखों में इस बार डर की जगह गहराई थी।उसने कहा , " शायद इस ट्रेन का हर स्टेशन हमारी कहानी का एक राज़ रखेगा।"
ट्रेन की गति धीमी हुई।बाहर कोई छोटा स्टेशन आया – नाम मिटा हुआ ,जैसे वक्त ने भुला दिया हो।राज ने उसकी हथेलियों को अपने होंठों से छुआ ,फिर उसकी आँखों में झाँकते हुए बोला , " अगला स्टेशन शायद हमारी मंज़िल नहीं ,बस शुरुआत है।"
सिया हल्के से मुस्कराई।" अगर फिर कभी मिले तो मैं चाहती हूँ ,ये cabin हमारा गवाह बने।" राज ने सिर हिलाया ,उसकी हथेली थामी ,और फिर धीरे से खिड़की के पार देखा।
दूर एक आदमी प्लेटफ़ॉर्म के सिरे पर खड़ा था – काले कोट मे ं ,बिना हिले ,बस उनकी तरफ़ देखता हुआ।राज की सांस थम गई।सिया ने सिर उठाया -" वो वही साया ?" इस बार राज ने कुछ नहीं कहा।ट्रेन फिर चल पड़ी।cabin की लाइट एक पल को बुझी ,और फिर लौटी – पर सामने की सीट खाली थी।
सिया की आँखों में नमी थी ,और होंठों पर अधूरी मुस्कान।ट्रेन अँधेरे में गुम होती चली गई cabin में अब बस एक ख़ामोश सुगंध रह गई – उस मुलाक़ात की ,जो अधूरी होकर भी पूरी थी।