गाँव की गोरी विधवा और उसका नटखट देवर

Chupchap Jalta Vasna Ka Chulha



भीगी चादर और गुप्त चांदनी

एक देवर, एक भाभी और वो पहली रात जब सब सो गए



चौबारे की चुप्पी में गूँजती सिसकियाँ

बिजली गुल, पर शरीर की बिजली चमक उठी



विधवा भाभी और ब्लाउज़ खोलने का गुप्त सबक

गर्मी की दोपहर, पसीने से तर बदन और एक-एक करके खुलते फीते