मंदिर की चौखट पर गीली साड़ी और पुजारी की भूख

शिवमंदिर में छुपी वर्जित पूजा की कहानी



ट्रेन की पटरी पर भीगी चूत की गर्माहट

विधवा और लाइनमैन की वो रात जब छूटी पटरी ने जोड़े बदन



स्टोररूम की चुप्पी में भड़की भाभी की आग

गाँव का सन्नाटा, तपती दोपहर और दो देहों का गुप्त मिलन



रात की गाड़ी और चूत के पानी का स्वाद

भाभी और देवर का ट्रेन वाला गुप्त रोमांस



मामी की सहेली और भांजे का त्रिकोण

तीन देह, एक गाँव, अनकही गर्मी की शुरुआत



भाभी की चूची और चाचा की भूख

गाँव की दोपहर में खुला बटन, जलती वासना



दोपहर की तपन और तलाकशुदा पड़ोसन की गुप्त भूख

गाँव की सूनी गली में जागी एक ऐसी वासना जो हथेली से दिल तक सुलगाती है



ट्रेन की उस रात किसी ने ऐसा कहा, जो भूल नहीं पा रहा

गाँव की पगडंडी पर दो जिस्मों की गुप्त भूख, एक अनकहा वादा