बैंक की चुप्पी में आंटी का गरम कर्ज़

लोन के फॉर्म से शुरू हुआ वो सुलगता सिलसिला



दोपहर की तपन और तलाकशुदा पड़ोसन की गुप्त भूख

गाँव की सूनी गली में जागी एक ऐसी वासना जो हथेली से दिल तक सुलगाती है